बिजली विभाग का बाबू सस्पेंड, फाइलें दबाने का लगा है आरोप, बिल्डरों के अस्थाई बिजली कनेक्शन से जुड़ा है मामला

ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतबुद्ध नगर में अस्थाई कनेक्शन में हेराफेरी प्रकरण में क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। क्लर्क पर महत्वपूर्ण फाइलों को गायब कर देने का आरोप है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। कुछ दिन पहले 23 इंजीनियरों के तबादले भी कर दिए गए थे। इसके बाद यह दूसरी कार्रवाई प्रकाश में आई है। गौतमबुद्ध नगर में बिल्डर और बिजली विभाग के गठजोड़ के कारण कई करोड़ रुपए राजस्व का नुकसान पहुंचा है। बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के चलते इंजीनियरों ने नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया था।

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इस मामले के प्रकाश में आने के बाद 23 इंजीनियरों का गौतमबुद्ध नगर से तबादला कर दिया गया था। बिल्डरों के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में अस्थाई कनेक्शन देने के नाम पर अनियमितता बरती गई थीं। इस मामले में ग्रेनो खंड में तैनात कार्यकारी सहायक गोविंद पाठक को सस्पेंड कर दिया गया है। पाठक को विभाग ने बुलंदशहर जोन से संबद्ध किया है। निदेशक (कार्मिक व प्रशासन) आईपी सिंह ने अधिशासी अभियंता की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की है। आरोप है कि बार-बार मांगे जाने पर भी गोविंद पाठक ने जरूरी पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई थीं। इसके अलावा वह 17 सितंबर से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे।

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जुलाई से अस्थायी कनेक्शन से संबंधित पत्रवलियां व दूसरी सूचना नहीं मिल रही थीं। उधर, जनपद में अब सभी खंडों में अस्थायी कनेक्शन की जांच की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। पीवीवीएनएल व मुख्य अभियंता स्तर से अस्थायी कनेक्शन से जुड़े सभी प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच टीम ने अब तक विभिन्न खंडों में कई दस्तावेज खंगाले हैं। मुख्य अभियंता विद्युत निगम वी.एन. सिंह का कहना है कि अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी अस्थायी कनेक्शनों की पड़ताल कराई जा रही है।