जेवर एयरपोर्ट के बाद अगले मिशन में जुटे डॉ. अरुणवीर सिंह

मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए भूखंड योजना लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है यमुना प्राधिकरण

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शानदार शिलान्यास समारोह के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) अब एक और महत्वपूर्ण योजना पर गंभीरता से जुट गया है। यह योजना उत्तर प्रदेश के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क को धरातल पर उतारने की है। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह के कुशल निर्देशन में इस योजना को रफ्तार देने की कवायद चल रही है। इसके तहत मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए भूखंड योजना लॉन्च करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिसंबर में भूखंड योजना निकाली जाएगी। इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट संशोधन के साथ दिसंबर के प्रथम सप्ताह में तैयार हो जाएगी। इस बीच निवेश आकर्षित करने पर भी काम हो रहा है। इसके चलते यमुना प्राधिकरण फार्मा उद्योग से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वेबिनार में विचार-विमर्श करेगा।

साढ़े तीन सौ एकड़ में लगेगा प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का शिलान्यास हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों भव्य समारोह में जेवर एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के शिलान्यास समारोह को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह की अह्म भूमिका रही थी। डॉ. सिंह अब अगले प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में शिद्दत से जुट गए हैं। यूपी का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बनाया जाना है। यह सेक्टर-28 में साढ़े तीन सौ एकड़ भूमि पर विकसित होगा। तीन चरण में इसका कार्य किया जाएगा। पहले चरण में 90 एकड़ में भूखंड योजना लाई जानी है। इसमें स्टार्टअप को भी अवसर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लगभग 15 हजार नागरिकों को रोजगार मिलने की संभावना है।

निवेश जुटाने को फार्मा कंपनियों से संपर्क
यमुना प्राधिकरण ने मेडिकल डिवाइस पार्क की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पहले कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी से तैयार कराई थी। बाद में इसे अर्नेस्ट एंड यंग से बनवाया गया है। डीपीआर पर मिले सुझावों को सम्मिलित कर अंतिम डीपीआर दिसंबर के प्रथम सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश जुटाने के लिए भी यमुना प्राधिकरण ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके मद्देनजर फार्मा कंपनियों से संपर्क साधा गया है। यमुना प्राधिकरण के अधिकारी जल्द कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वेबिनार भी करेंगे। इसमें शासन स्तर के अधिकारी भी भाग होंगे। मेडिकल डिवाइस पार्क में चिकित्सा उपकरण निर्माता कंपनियों को इकाई लगाने के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। वहां उद्योग स्थापित करने पर केंद्र एवं राज्य सरकार की तरफ से स्टांप, बिजली-पानी जीएसटी इत्यादि में रियायत दी जाएगी।आवासीय एवं औद्योगिक भूखंड योजना भी लाएंगे
मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए दिसंबर में भूखंड योजना लॉन्च कर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर भी दिसंबर के प्रथम सप्ताह में तैयार हो जाएगी। दिसंबर मध्य में भूखंड योजना आने की संभावना है। इसके अलावा औद्योगिक एवं आवासीय भूखंड योजना लाने की तैयारी भी चल रही है। औद्योगिक भूखंड योजना में छोटे भूखंड शामिल किए जाएंगे। यह भूखंड 350 वर्ग मीटर से लेकर 4 हजार वर्ग मीटर से कम होंगे। भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। आवासीय भूखंड योजना के लिए सर्वे भी कराया जाएगा। सेक्टर-18 व 20 में सर्वे का काम पूर्ण हो चुका है। दोनों सेक्टर में 86 भूखंड योजना के लिए चिह्नित किए गए हैं। सेक्टर-16 में सर्वे का काम अभी शेष है।
डॉ. अरुणवीर सिंह
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण