जेवर एयरपोर्ट : विकासकर्ता कंपनी को मिलेगा साइड पर कब्जा

ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का काम जल्द धरातल पर शुरू हो जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां तेज हो गई हैं। शिलान्यास कार्यक्रम से पहले विकासकर्ता कंपनी को प्रोजेक्ट साइट पर कब्जा मिल जाएगा। लखनऊ में 31 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूर्ण होगी। विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) है। वाईआईएपीएल को कब्जा पत्र दिया जाना है।

जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास अगस्त में होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जाएगी। शिलान्यास के लिए कार्यक्रम स्थल का चयन हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के विकास का दायित्व स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड एजी को सौंपा गया है। इस कंपनी ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एसपीवी बनाई है। यह प्रोजेक्ट पर काम करेगी। जेवर एयरपोर्ट के जरिए भारत को विश्व पटल पर अलग पहचान मिलेगी। जिला प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया है।

यह भूमि नागरिक उयन विभाग के नाम से अधिग्रहित की गई है। पहले चरण में अधिग्रहण से प्रभावित सभी 3003 परिवारों को जेवर बांगर में बसा दिया गया है। एयरपोर्ट साइट का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। फिलहाल एयरपोर्ट साइट पूरी तरह से खाली पड़ी है। विकासकर्ता कंपनी को अब भूमि पर कब्जा दिया जाएगा। वहां पर निर्माण कार्य के लिए लाइसेंस भी मिलेगा। यह लाइसेंस 40 साल तक वैध रहेगा। कंपनी निर्माण कार्य के बाद 4 दशक तक इसका संचालन करेगी। इसमें होने वाले लाभ में सरकार और कंपनी दोनों का हिस्सा मिलेगा। इसके लिए नियम एवं शर्तें निर्धारित हो चुकी हैं। तय नियम एवं शर्तों के आधार पर सभी हिस्सेदारों को लाभ मिलेगा। उधर, नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट की विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. को 31 जुलाई को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में भूमि पर कब्जा दे दिया जाएगा। इस बीच कंपनी को लाइसेंस भी मिल जाएगा।