अभिनंदन वर्धमान : वीरता का अभिनंदन

भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया है। विंग कमांडर अभिनंदन का यह ‘अभिनंदन’ देशवासियों के लिए गर्व की बात है। अभिनंदन की बहादुरी से भला कौन वाकिफ नहीं है। वह बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो रह चुके हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान उन्होंने जिस प्रकार की बहादुरी और काबिलियत का परिचय दिया था, वह किसी से छुपा नहीं है। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से नवाजे जाने से भारतीय वायुसेना का सीना भी गर्व से चौड़ा होना स्वभाविक है। देश की रक्षा के लिए वायुसेना ने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

बेशक संकट के दौरान दुश्मन के दांत खट्टे करने हों अथवा किसी आपदा के समय जिम्मेदारी का निर्वहन, प्रत्येक मौके पर वायुसेना के जवानों ने भारत माता का मान बढ़ाया है। भारतीय वायुसेना में अभिनंदन वर्धमान जैसे एक नहीं अनेक हीरे हैं। विंग कमांडर अभिनंदन ने 2019 में पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को ढेर कर दिया था। इसके बाद वह 3 दिन तक पाकिस्तानी सेना के कब्जे में भी रहे थे। भारत के दबाव के बाद पाकिस्तान ने 3 दिन बाद अभिनंदन को वापस भारत को सौंप दिया था। विषम परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बगैर पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा संभालने पर भारतीय वायुसेना ने अभिनंदन वर्धमान को प्रोन्नत कर ग्रुप कैप्टन की रैंक दे दी है।

यह पद भारतीय सेना में कर्नल रैंक के समकक्ष होता है। बालाकोट एयर स्ट्राइक की जरूरत क्यों पड़ी थी, यह भी सब जानते हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप के काफिले में शहीद चालीस जवानों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की थी। बालाकोट में एयर स्ट्राइक के दौरान कई आतंकी मारे गए थे। भारत की तरफ से एयर स्ट्राइक किए जाने पर पाकिस्तानी सेना ने भी भारतीय बॉर्डर पर अपने विमान को भेजा था, मगर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान की इस हिमाकत का माकूल जवाब दिया था। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का भारतीय वायुसेना के साथ पीढ़ियों पुराना रिश्ता है। वह मिग-21 उड़ाते हैं।

उनके पिता सिंहकुट्टी वर्धमान मिग-21 उड़ा चुके हैं। अभिनंदन के पिता पांच साल पहले सेवानिवृत्त हो गए थे। वह देश के उन चुनिंदा पायलट में से हैं, जिनके पास चार हजार घंटे से ज्यादा तक चालीस तरह के विमान उड़ाने का अनुभव हासिल हैं। अभिनंदन के पिता कारगिल युद्ध के दरम्यान वायुसेना की मिराज स्क्वाड्रन के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर थे। अभिनंदन के दादा भी भारतीय वायुसेना में रह चुके हैं। ऐसे में देशभक्ति और देश के लिए कुछ करने का जुनून उनकी रगों में दौड़ता है। देश सेवा और बहादुरी में अभिनंदन की मां डॉ. शोभा वर्धमान का भी कुछ कम योगदान नहीं है। अपने परिवार और बच्चों के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के साथ उन्होंने मानवता की सेवा में अपना पूरा जीवन लगा दिया।

वे दुनियाभर में निशुल्क चिकित्सा सेवाएं देने वाले स्वयंसेवकों में शामिल रही हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पकड़ तो लिया था, मगर वहां के हुक्मरानों की हालत पतली थी। भारत की ओर से करारा जबाव मिलने की आशंका ने उस समय पाकिस्तान की सेना और सत्ता में खौफ पैदा कर दिया था। यही वजह थी कि भारत को पहले बंदर घुड़की देने के बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को रिहा करने में ज्यादा देरी नहीं थी।पीएमएल (एन) सांसद अयाज सादिक ने पाकिस्तान संसद में पिछले साल यह रहस्योद्घाटन किया था कि विदेश मंत्री एस.एम. कुरैशी ने पीपीपी, पीएमएल (एन) और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सहित संसदीय नेताओं के साथ मीटिंग में अभिनंदन को छोड़ने के लिए कहा था।

उस समय विपक्ष ने अभिनंदन समेत तमाम मुद्दों पर सरकार का साथ देने का वादा किया था। अयाज सादिक ने खुलासा कर यह भी बताया था कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी इस अह्म बैठक में चर्चा कर रहे थे कि यदि पाकिस्तान ने अभिनंदन वर्धमान को नहीं छोड़ा तो भारत पाकिस्तान पर रात 9 बजे तक हमला कर रहा है। उन्होंने कहा था कि मुझे बखूबी याद है कि एम.एम. कुरैशी उस बैठक में थे जिसमें प्रधानमंत्री इमरान खान ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। कुरैशी के पैर कांप रहे थे, उन्हें पसीना आ रहा था। इस बैठक में विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा था कि अल्लाह के वास्ते इसको (अभिनंदन) वापस जाने दो, क्योंकि रात 9 बजे हिंदुस्तान, पाकिस्तान पर हमला कर देगा।

साथ अयाज ने कहा कि हिंदुस्तान हमला नहीं करने वाला था। सरकार को सिर्फ घुटने टेककर अभिनंदन को वापस भेजना था, जो उन्होंने किया। बालाकोट एयर स्ट्राइक में हमले के लिए भारत ने फ्रांस में निर्मित मिराज-2000 विमानों को चुना गया था। स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस भी ऐसे हमले कर सके, इसके लिए इसे अब हैमर मिसाइल से लैस करने पर काम चल रहा है। तेजस की क्षमता बढ़ाने को भारत ने फ्रांस को हैमर मिसाइल का ऑर्डर दे दिया है। इस मिसाइल को विशेष रूप से बंकरों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। हवा से जमीन पर मार करने में यह मिसाइल बेहद सक्षम है। कम ऊंचाई से दागे जाने पर इसका रेंज 15 किलोमीटर है।

लड़ाकू विमान राफेल को भी इस मिसाइल से लैस किया जाएगा। सीमा पर चीन के आक्रामक रूख को देखकर भारतीय वायु सेना ने हैमर मिसाइल के लिए आपातकालीन खरीद शक्ति के तहत ऑर्डर दिया है। पहले हैमर मिसाइल से राफेल को लैस किया जाएगा। इसके बाद तेजस पर मिसाइल लगाए जाएंगे। हैमर मिसाइल को पहाड़ों पर बने मजबूत बंकरों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। मिसाइल के सत्तर किलोमीटर के रेंज के चलते इसे दुश्मन के करीब गए बिना ही दागा जा सकता है। लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्र में इस मिसाइल की उपयोगिता और बढ़ जाती है।