-जीडीए ने योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया
-कंसलटेंट फर्म ने टाउनशिप की डिटेल प्लानिंग का प्रेजेंटेशन दिया
-हरनंदीपुरम टाउनशिप में आधुनिक सुविधाओं और हरित क्षेत्र की योजना शामिल
-पहले चरण में भूमि अधिग्रहण और बैनामे को लेकर कार्रवाई तेज
-शहर को सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीडीए का महत्वपूर्ण कदम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना अब धरातल पर तेजी से उभरने लगी है। लगभग 535 हेक्टेयर भूमि पर दो चरणों में विकसित की जाने वाली इस योजना के लिए जीडीए ने विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की अध्यक्षता में जीडीए सभागार में चयनित कंसलटेंट फर्म ने हरनंदीपुरम टाउनशिप का प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान टाउनशिप के समग्र विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की गई, जिसमें सुव्यवस्थित आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक जोन, सामाजिक और शैक्षणिक सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, हरित क्षेत्र, पार्क, ओपन स्पेस, आधुनिक सड़क नेटवर्क और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि गाजियाबाद, जो दिल्ली की सीमा से सटा उत्तर प्रदेश का प्रमुख प्रवेश द्वार है, आने वाले वर्षों में व्यापक और सकारात्मक शहरी परिवर्तन का साक्षी बनेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीडीए का मुख्य फोकस सुदृढ़ लैंड बैंक विकसित करने पर है, ताकि भविष्य में आवासीय, व्यावसायिक और आधारभूत आवश्यकताओं को संतुलित रूप से पूरा किया जा सके। हरनंदीपुरम योजना के पहले चरण में लगभग 336 हेक्टेयर भूमि शामिल है। अब तक 55 हेक्टेयर भूमि का बैनामा किसानों से सहमति के साथ पूर्ण हो चुका है, जबकि 115 हेक्टेयर भूमि के लिए सहमति बन चुकी है। योजना को और गति देने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है। साथ ही किसानों से संवाद को सरल, पारदर्शी और विश्वासपूर्ण बनाने के लिए एक समर्पित वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि अगले कुछ महीनों में 100 से 120 हेक्टेयर भूमि के बैनामे किसानों से सहमति के बाद कराए जा सकेंगे।
प्रेजेंटेशन के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को अपने विभागों के अनुरूप सुझाव, फीडबैक और तकनीकी दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अवसर मिला, ताकि योजना अधिक व्यवहारिक, संतुलित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हरनंदीपुरम टाउनशिप केवल एक आवासीय योजना नहीं होगी, बल्कि इसे एक समग्र, आधुनिक और आत्मनिर्भर शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका प्रथम चरण सैटेलाइट सर्वे (टोपोग्राफिकल सर्वे) सहित अगले तीन से चार महीनों में तैयार हो जाएगा, जिसके बाद भूमि पर विकास कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि योजना का उद्देश्य शहर को नियोजित, टिकाऊ और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। हरनंदीपुरम टाउनशिप इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और गाजियाबाद के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
















