-1000 एकड़ भूमि पर में विकसित होगी छोटी-बड़ी 2500 फैक्ट्री
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार की प्रदेश को एक ट्रीलियन डॉलर की इकोनमी बनाने के लिए अब कवायद तेज हो गई है।
इसी के तहत लखनऊ में फरवरी में होने वाली ग्लोबल इंवेस्ट्र्स समिट-2023 को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में उद्यमियों के साथ निवेशकों का अब दायरा बढ़ता जा रहा है। यूपीसीडा कार्यालय में जहां निवेशकों के 20,300 करोड़ रुपए के मैमोरेंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग (एमओयू) साइन हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश सरकार ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था। उससे कहीं अधिक यह एमओयू साइन हुए है। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रकेश मौर्या ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में फरवरी माह में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्ट्र्स समिट-2023 को सफल बनाने एवं प्रदेश को वन ट्रीलियन डॉलर की इकोनमी बनाने के लिए एमओयू साइन कराए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं।मगर इससे कई अधिक क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 20,300 करोड़ रुपए के निवेशकों के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि निवेशकों के लिए इकाईयां स्थापित करने के लिए 1000 एकड़ भूमि दी जाएगी। यह भूमि यूपीसीडा की ओर से 5 साल में औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को मुहैया करानी है। यूपीसीडा के 12 औद्योगिक क्षेत्रों में फिलहाल जमीन की उपलब्धता कम है। ऐसे में मोदीनगर क्षेत्र में दायरा बढ़ाया जाएगा।
यूपीसीडा के आरएम का कहना है कि निवेशकों की ओर से किए गए एमओयू साइन के तहत 1000 एकड़ भूमि पर आने वाले पांच साल बाद लगभग 2500 फैक्ट्री छोटी-बड़ी विकसित हो सकेगी। इन इंडस्ट्रीज के स्थापित होन के बाद पांच साल में लगभग 1.50 लाख युवाओं को इनमें नौकरी मिल सकेगी। यूपीसीडा आरएम ने बताया कि 1000 एकड़ जमीन पांच साल में देने के लिए 500 एकड़ भूमि ट्रॉनिका सिटी और 500 एकड़ भूमि मोदीनगर क्षेत्र को मिलाकर यह 1000 एकड़ भूमि उद्यमियों को उपलब्ध कराई जाएगी।इसके लिए विभाग की ओर से प्लानिंग की जा रही हैं। वहीं, उद्यमी संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रेरित करने पर आभार प्रकट किया। मसूरी-गुलावठी रोड औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे शहरों में भी निवेश की इच्छा व्यक्त की है। यानी कि किसी शहर में निवेश किया जा सकता है।
प्रदेश सरकार द्वारा फरवरी-2023 में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्ट्र्स समिट-2023 को सफल बनाने एवं प्रदेश को वन ट्रीलियन डॉलर की इकोनमी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मसूरी-गुलावठी रोड औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। बैठक में क्षेत्र के उद्यमियों एवं निवेशकों के साथ गाजियाबाद और ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी की उद्यमी संगठनों एवं निवेशकों के साथ यह बैठक की गई थी। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रकेश मौर्या ने बताया कि बैठक में निवेशकों को औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों के अनुरक्षण एवं उच्चीकरण के कार्य,स्ट्रीट लाइट,हाई मास्ट लाइट लगवाने आदि की जानकारी दी गई। उद्यमियों ने ड्रेनेज व्यवस्था को ओर अधिक सुदृढ़ कराने एवं जाम की समस्या के निस्तारण के लिए एलिवेटेड रोड बनाकर उसे नेशनल हाइवे से जोडऩे की मांग की।जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने का कार्य कराया जाएगा।
















